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फ़रवरी, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इंतजार करने का , मज़ा ही कुछ और है

 इंतजार करने का , मज़ा ही कुछ और है "मलंग" उम्मीद पर उम्मीद बंधती जाती है । हां ये बात अलग है कि , दिल के टूटने की आवाज कहां आती हैं ।  ✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी 

रौनक अब उड़ गई है चेहरे से

रौनक अब उड़ गई है , चेहरे से । क्या बताएं क्यों ? बस यूं समझिए कि, कई दिनों से । तुम बिना अब , मिज़ाज ठीक नही । ✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी

वर्षो के बाद मालूम हुआ ,के हम दूर के है ।

वर्षो के बाद मालूम हुआ ,के हम दूर के है । वरना हमें तो रोज तुम , करीब के ही लगे ।। खैर कोई बात नही , दुआ तो हमारी रहेगी यही । के सलामत रहे , तेरा जहां ।। मिले मोहब्बत तुम्हें ,खूब अपनों से ।  तुम में अब हमारे लिए , अपने वाली वो बात कहां ।। ✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी