अपने बाद चाह जिसे जी भर ओ तुम हो । अक्टूबर 31, 2023 अपने बाद चाह जिसे जी भर , ओ तुम हो । अब तेरे बाद....! चाहूं किसी और को ,यह मेरे दिल को गवारा नहीं । ✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी और पढ़ें
वो दर्द ओ जख्म की दास्तां . अक्टूबर 10, 2023 वो दर्द ओ जख्म की दास्तां, वो कयामत की रात । यूं तो हम भूल चुके थे कब के , मगर..... आज फिर चली आई है , उन से वो आखरी मुलाकात की याद । ✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी और पढ़ें