वक्त ने करवट क्या ली , के जमाना यूँ बदल गया ।
जो कल उनका था , वो आज हमारा हो गया ।
वक्त वक्त की बात , गरूर न कीजिये जो मिला है "कुछ" ।
न गम कीजिये जो, न मिले "कुछ"।
कोशिश करना न छोड़िए , चाह की बे हद न हो ।
हद में का दामन , कभी न छोड़िए ।
बाकी जो होगा , भला ही होगा ।
सुमिरन नाम प्रभु का ,प्रभु से नाता जोड़िए ।
सुमिरन प्रभु नाम का , मन से कभी न छोड़िए ।
🚩जय श्री राम🚩
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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