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वो भी कल की बात थी , सनम ।

वो भी कल की बात थी , सनम ।

ये भी आज की बात है  ।

वो भी कल थे हम , जुदा-जुदा ।

आज उम्र भर का , साथ है ।

वो भी इक नशीब था , सनम ।

ये भी इक नशीब की , बात हैं ।

वो भी कल की बात थी सनम...

वो भी कल के दिन थे , बुरे सनम ।

ये भी कितनी खुशी  की , ये रात है ।

वो भी गम के आंसू रहे , कभी सनम ।

आंखों में भरी , बरसात थी ।

ये भी खुशी के आँसू है अब , सनम ।

मेरे हाथों अब तेरा , हाथ है ।

वो भी कल की बात थी , सनम ।

ये भी आज की बात है  ।

वो भी कल थे हम , जुदा-जुदा ।

आज उम्र भर का , साथ है ।

✍️ज्योति प्रसाद रतूडी 


 

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