👧उफ़ अब कैसे संभालूं इत्ती खुशी ?
👨सब्र का ढकन लगाकर ।
इत्मिनान से , दिल की अलमारी में ।
संभाल कर रख ।
थोड़ा थोड़ा कर ,
निकाल इस्तेमाल कर ।
ज्यादा हो तो , कुछ उधार दे दो ।
वक्त पड़ने में कभी , काम आएगा ।
मूल के साथ साथ ,
व्याज समेत , वापस आएगा ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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