किसी को पाना मुश्किल है , खोने के बाद ।
यह मालूम हुआ मुझे , तुझे खोने के बाद ।
दिल की आहें दिल में ही , दबी रही ।
रोये हम बहुत , मुस्कुराने के बाद ।
देखी है वफ़ा पल दो पल में , बदलते हुए ।
ठहरी है अब सिसकियाँ , रोने के बाद ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
किसी को पाना मुश्किल है , खोने के बाद ।
यह मालूम हुआ मुझे , तुझे खोने के बाद ।
दिल की आहें दिल में ही , दबी रही ।
रोये हम बहुत , मुस्कुराने के बाद ।
देखी है वफ़ा पल दो पल में , बदलते हुए ।
ठहरी है अब सिसकियाँ , रोने के बाद ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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