लिखुंगा तो सही मगर, गुमनाम शायर बनकर । जून 17, 2021 लिखुंगा तो सही मगर, गुमनाम शायर बनकर ।मेरे नाम से शायद , मेरी शायरी में अब ।तूम्हें दिलचस्पी न रही ।✍️ज्पोति प्रसाद रतूड़ी शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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