कुछ खामोशियाँ और है , हिस्से में मेरे । जून 24, 2021 कुछ खामोशियाँ और है , हिस्से में मेरे ।ठहर !देखकर जाना कि ,मिलती है वो अब मुझे ,किस हिसाब से ।✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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