लो खेलो ! ले आया हूँ मैं , जुलाई 01, 2021 लो खेलो ! ले आया हूँ मैं दिल अपना , मुरम्मत करवाकर ।ध्यान से जरा , देखो ! कहीं फिर से टूट न जाये ।क्योकि ! तेरे इस शहर में , दिल साज़ नही मिला करते ।✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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