बहुत सी बातें है , जिन्हें सह रहा हूं मैं । जून 21, 2025 बहुत सी बातें है , जिन्हें सह रहा हूं मैं ।था जिसका कभी मैं , हम बिस्तर ।आज उसकी नजरों में ,अछूत बनकररह रहा हूं मैं ।।✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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