वक्त वक्त की बात है तब और अब । नवंबर 15, 2025 वक्त वक्त की बात है तब और अब ।समय कितना बदल चुका है..!न नूर है न नज़र ही अब , न काया है न माया ।यादें ही है अब,न मैं वो हूं , न मेरा वो साया ।✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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