हम में भी रहा था नूर कभी नवंबर 05, 2025 हम में भी रहा था नूर कभी , आज फीका फीका सा है , तो क्या ? अब भी हम , अंधेरों को ज़ब्त , करने की औकात रखते है । ✍️ ज्योति प्रसाद रतूड़ी 💫✨️🌟 शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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