जो खुशी मिली है मुझको , वो मैं कैसे तुझे बताऊं ।
छुपा के रखा है सनम प्यार तेरा , वो
प्यार मैं कैसे तुझे इस हाल में बताऊं ।
हाल ए दिल सुनाऊं तुझे कैसे , वफ़ा पर मेरी शक न कीजिये ।
बन शबनम , अश्क पलको में ही रहे ।
दबी दबी सी मोहब्बत लाया हूँ , मैं तेरे लिए ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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