तुम संग हो तो , मुझे क्या कमी है ।
अंधेरों से , मिल रही रौशनी है ।
लबों पे नाम तेरा है , दिल मे तुम ही हो मेरे ।
तेरे ख्वाबों में है बजूद मेरा ।
यह प्यार ही तो है तेरा ,
हकीकत अब और क्या होगी ।
ढूंढती है ,तुझे मेरे नज़र ।
रहता ख्याल की के तू है , इधर-उधर ।
धड़कता है दिल , लौट आता हूँ ।
दिल मे धड़कनों की जगह , तुझे पाकर ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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