तेरे प्यार के सहारे है हम उम्र भर , जिंदगी में तेरी ही कमी थी ।
हुई अब तलास खत्म , जो उम्र भर रही ,
खत्म हुई अब , आंखों में जो नमी थी ।
रब से दुआ मांग कर ही तो, तुम सा प्यार पाया है ।
निभाउंगा वफ़ा तुमसे , आखरी दम तक ,
बड़ी सिदतों से तो , तुम सा यार पाया है ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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