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आज दिल को हुआ यह अहसास

आज दिल को हुआ यह अहसास ,

कहा किसी ने खूब ही ।

हम जिसे चाहे जितना भी ,

जरूरी नही वो भी ,तुम्हें चाहे उतना ही ।

न गम कर उसका ,जो कभी तेरा हुआ ही नही ।

खो जाने का क्या डर, जिसे कभी पाया ही नही ।

न ला दिल किसी को किसी करीब इतना ।

टूट कर बिखर जाएगा तू , जब मालूम होगा के ।

वो है किसी के, करीब उतना । 

तेरी मोहब्बत के मायने महज ,

खेल है उनके लिए ।

है दिल उनका जिस पर,

वो तुझ सा बेहतर, है उनके लिए । 

न वक्त जाया कर अपना , 

दिल को मना ले , लौट आने के लिए । 

बहुत दर्द दिए जिंदगी ने , 

इक़ खुशी पाने के लिए । 

मालूम क्या था ,वो निकल जाएंगे यूहीं । 

किसी और से , दिल लगाने के लिए ।

✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी

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