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किसी के ख्यालों में डूब जाना ,क्या ऐसा होता है ?

किसी के ख्यालों में डूब जाना ,क्या ऐसा होता है ? 
यह जिंदगी में , पहली बार जाना है । 

इक खास नशा सा हो जाता है , 
बैठ जाता है ,कोई दिल की गहराईयों में इस कदर ।
धडकनों का , साथी बनकर ।

महसूस होता है जैसे वो हो , मेरे लहू के हर कतरे पर । 
जिसके बिना मेरी , सुबह नही होती ।
और शाम मेरी , खुशगवार नही होती I 

किसी के ख्यालों में डूब जाना , क्या ऐसा होता है ?, 
यह जिंदगी में , पहली बार जाना है । 

हवाओं का छूना मेरे चेहरे पर , 
और उनकी , सांसों का अहसास होना । 

मेरे पलकों पर , चिपके अश्कों की बूंदों का ,
उनकी पलकों पर घिरे , शबनम का दिखना । 

मेरे मुस्कुराते होंठों में , उनके हसीन लबों का सामिल होना ।

किसी के ख्यालों में इस कदर  डूब जाना , शायद इसी को मोहब्बत कहते है ।

✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी

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