कठिन डगर है , लक्ष्य अटल है ।
सोये है जो "सनातनी" ,उन्हें जगाना है ।
सनातन धर्म ध्वज ,
"अखंड भारत में"
फिर से लहराना है ।
कड़ी से कड़ी जोड़ कर ,
घड़ी फिर से वो लाना है ।
हो "भगवा" अखण्ड भारत बर्ष में ,
तिरंगा संग लहराना है ।
सदियों से तोड़ा है मरोड़ा है ,
हमारे दया भाव संग ,
दुश्मनों ने बहुत खेला है ।
अब सजगता से बदलो पासा ,
विजय परिणाम हमारा है ।
इंच एक भी , हटो न पीछे ,
नया इतिहास बनाना है ।
कठिन डगर है , लक्ष्य अटल है ।
सोये है "जो सनातनी" , उन्हें जगाना है ।
सनातन धर्म ध्वज , अखंड भारत में ,
फिर से लहराना है ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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