मोहब्बत तो मोहब्बत होती है ।
जैसी भी हो ,
बड़ी पाक साफ होती है ।
गम की दुश्मन और ,
खुशी की महबूब होती है ।
मोहब्बत तो मोहब्बत होती है ।
कभी माँ की , ममता होती है ।
कभी भाई-बहन का, प्यार होती है ।
बाबा की , दुलार होती ।
मोहब्बत तो मोहब्बत होती है ,
कभी दोस्त की , दोस्ती होती है ,
पति पत्नी का , विश्वास होती है ।
मोहब्बत तो , मोहब्बत होती है ।
कभी दिल की , प्रीत होती है ।
कृष्ण की , राधा होती है ।
हर रिश्ते में इसकी , जगह खास होती है ।
मोहब्बत तो मोहब्बत होती है ।
ना गरीब होती है न अमीर होती है ।
मोहब्बत दिलों का ,एहसास होती है ।
विश्वास से यह जिंदा रहती है ।
मोहब्बत तो मोहब्बत होती है ।
जैसी भी हो ,
बड़ी पाक साफ होती है ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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