तुमसे दिल लगाया तो जाना ,
प्यार क्या है ?
होता है कैसे बेकार दिल ,
किसी की यादों में ।
तेरी यादों को दिल से लगाया ,
तो ये जाना दिल ए बेकरार क्या है ?
बे रंग सी थी दुनिया मेरी ,
जब तू नही थी मेरे संग ।
मिला जो तेरा साथ
मेरी दुनिया में रंग भरने लगा है ।
बुझते हुए दिल के चिरागों में ,
मुहब्बत के चिराग जलने लगा है ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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