कुछ तो फर्क होगा , अनुभवों में ।
उनके और हमारे में ।
आज़मा कर देख लो शायद ,
हमारा काम तुम्हे पसंद आएगा ।
हम लग्न से ,बहुत ध्यान से ,
हर चीज़ को ,बारीकी से बड़े
प्यार से , सहज कर , ईमानदारी से ,
हर काम किया करते है ।
काम चोरी उऊँ हूँ , हम कभी
नही किया करते है ।
एक बार सेवा का ,
मौका तो दीजियेगा ।
न आये काम पसंद तो ,
पगार न दीजियेगा ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
🤪🤪🤪
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