न सवाल तुम करो , न सवाल हम करें ।
प्यार की इन राहों पर ।
दो कदम तुम चलो , दो कदम हम चलें ।
न सवाल तुम करो न सवाल हम करें .....
न गीला तुम करो , न गीला हम करें ।
बनके खामोश ही , इज़हार ए प्यार करें ।
दो कदम तुम चलो , दो कदम हम चले ।
प्यार की इन राहों पर , नाम अपना करें ।
न सवाल तुम करो , न सवाल हम करें.....
न तुम अब दूर जाओ , न हम अब दूर जाएं ।
बज़्म ए दिल में , नज़्म कोई प्यार की ।
कभी तुम गाओं , कभी हम गायें ।
न सवाल तुम करो , न सवाल हम करें ।
प्यार की इन राहों पर ।
दो कदम तुम चलो , दो कदम हम चलें ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी ।
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