मियां बीबी जब साथ हो तो , जिंदगी का मज़ा ही कुछ और है ।
खट्टे मीठे स्वाद खेल मेल और...
और....नौक झोंक हंसी मज़ाक में जो ,
आनंद है वो और , कहीं कहाँ यार !
देख लिया है हर दिल को ,
हर चाहने वालों का तमसा ।
चंद रोज़ का ही , जलवा ए मोहब्बत होती है ।
बिसर जाते है फिर वो सब , जिस पर दिल की खास उम्मीद होती है ।
हाँ मैं नही भुला उनको , ना कभी भूल पाऊंगा ।
संभाला है जिसने मेरी , डूबती हुई जीवन कश्ती को ।
वो तो खुदा है मेरा , अपने उस खुदा को कैसे मैं भूल पाऊंगा ।
आज उसकी बदौलत जल रहा है , चिराग मेरे दिल का ।
टिमटिमाता ही सही , अंधरों में रोशनी हो तो रही है ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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