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यह है सच्ची खुशी , सच्चा आनंद और उमंग ।



यही है सच्ची खुशी , 
सच्चा आनंद और उमंग ।
साथ जीवन का दुःख-सुख का , 
हंसी खेल का ।
जीवन के हर अध्याय पर , 
दाम्पत्य युगल का ।

उम्र का कोई भी पड़ाव हो , 
ताल-मेल बेहतर हो तो ।
 कट जाते है दिन वो , 
चाहे आये कैसी भी , 
जटिलता जीवन में या ।
कैसे भी हो , चाहे हालात तंग ।

जीवन का आनंद , 
आपस का तालमेल से ही है ।
वरना जिंदगी में , 
सब कुछ होते हुए भी ।
जिंदगी , तन्हां और सुन्न है ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी

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