आया ख्याल उनका मुझे , क्यों आज ।
वर्षों के बाद ।
मेरे तसव्वुर में आज , उनका आना ।
क्या हो मंशा , उनकी आज ।
वर्षो के बाद ।
धड़कनें क्यों बेचैन सी , धड़क रही है दिल की ।
ना जाने क्यों ?
क्यों नही है बस में मेरे , ज़ज़्बात आज ।
बर्षों के बाद ।
इस बेकरारी का नतीज़ा , न जाने क्या हो ?
लिखे जा रहा हूँ नज़्म मैं क्यों , उन पर आज ।
वर्षो के बाद ।
आया ख्याल उनका मुझे , क्यों आज ।
वर्षों के बाद ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी ।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें