👧तु जो मेरा हमदर्द है , सुहाना हर दर्द है ।
👨झूठ मत बोलो , बताओ सीधा सीधा आज की क्या फरमाइश है ।
रोज रोज ताने देने वाली , मुझे क्यों हमदर्द बता रही हो ?
लगता है कि शॉपिंग जाना होगा ।
या कहीं पिकनिक या , कही बाहर होटल में ,
खाना खाने जाना होगा ।
आज तो मस्का तगड़ा , लगा रही हो ।
बताओं तो ?
यह चमत्कार ही है , यह खोज मेरी जेबों की ।
देख लिया है या अंदाज़ा है , हमें उस हिसाब से ही कुछ जबाब तलाशना होगा ।
😂😂😂
,✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी ।
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