नवप्रभात की नूतन किरणों के संग , जल थल और गगन में ।
झूम उठे है सारे चर अचर , नववर्ष के आगमन पर ।
आओ झूमें नाचे गए , वर्ष नव का उत्सव मनाये ।
सनातन-धर्म ध्वजा हम विश्व में लहराए ।
*सभी देश वासियों को स्वदेशी नव वर्ष विक्रमी संवत २०७८ की हार्दिक शुभकामनाएं*
🚩जय श्री राम🚩
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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