👧क्या बात शायर बन गये हो ?
👦यह सब तुम्हारी ही बदौलत है ,
जो लिख लेता हूँ थोड़ा बहुत ।
अगर तुम न आये होते जो ,
जीवन में मेरे ।
तो , ओ मेरी जान ए जाना !
यह , मुमकिन न था मेरा यूँ ,
उभर कर , निखर कर ,
इस जहाँ में , चमक जाना ।
🤗🤗
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
👧क्या बात शायर बन गये हो ?
👦यह सब तुम्हारी ही बदौलत है ,
जो लिख लेता हूँ थोड़ा बहुत ।
अगर तुम न आये होते जो ,
जीवन में मेरे ।
तो , ओ मेरी जान ए जाना !
यह , मुमकिन न था मेरा यूँ ,
उभर कर , निखर कर ,
इस जहाँ में , चमक जाना ।
🤗🤗
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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