समय कभी किसी का , स्थाई होता नही ।
यह तो तुला है , पाप पुण्य का ।
कांटा समय का , कर्मों की गणित पर ।
कभी ऊपर तो कभी नीचे , उठता और झुकता है ।
यह सत्य है जीवन का , इसे कोई कभी स्वीकारता नही ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
समय कभी किसी का , स्थाई होता नही ।
यह तो तुला है , पाप पुण्य का ।
कांटा समय का , कर्मों की गणित पर ।
कभी ऊपर तो कभी नीचे , उठता और झुकता है ।
यह सत्य है जीवन का , इसे कोई कभी स्वीकारता नही ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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