रहते हैं आज वो मेरे इन्तजार में , बेसब्र ।
न जाने क्यों ?
जिसे हमसे मिलाना , कभी गवांरा न था ।
आज ढूंढते है हमें , वो दर ब दर ।
न जाने क्यों ?
शायद वजह मेरी मोहब्बत , या कुछ और !
🤔🤔
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
रहते हैं आज वो मेरे इन्तजार में , बेसब्र ।
न जाने क्यों ?
जिसे हमसे मिलाना , कभी गवांरा न था ।
आज ढूंढते है हमें , वो दर ब दर ।
न जाने क्यों ?
शायद वजह मेरी मोहब्बत , या कुछ और !
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✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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