खुश नसीब हूँ मैं बहुत के
जब नही होता कोई , संग तेरे तो...!
हम तेरी यादों में , चले आते है ।
तेरे थके हारे दिल को ,
नए मुकाम के , लिए फिर...!
तर ओ ताजा , किए जाते है ।
ज्योति प्रसाद रतूड़ी....✍️
खुश नसीब हूँ मैं बहुत के
जब नही होता कोई , संग तेरे तो...!
हम तेरी यादों में , चले आते है ।
तेरे थके हारे दिल को ,
नए मुकाम के , लिए फिर...!
तर ओ ताजा , किए जाते है ।
ज्योति प्रसाद रतूड़ी....✍️
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