राह ए गुजर तू ही , ऐ जिंदगी !
ख्याल तेरा है , और मुस्कान मेरी ।
दिल की गहराइयों में ,ठहर गयी तू ।
और है , ये मेरी आरजू ।
कि ,
मैं भी रहूँ यूँ ही, तेरे दिल में ।
क्या ऐसी होगी कभी , तकदीर मेरी ।
ज्योति प्रसाद रतूड़ी.....✍️
राह ए गुजर तू ही , ऐ जिंदगी !
ख्याल तेरा है , और मुस्कान मेरी ।
दिल की गहराइयों में ,ठहर गयी तू ।
और है , ये मेरी आरजू ।
कि ,
मैं भी रहूँ यूँ ही, तेरे दिल में ।
क्या ऐसी होगी कभी , तकदीर मेरी ।
ज्योति प्रसाद रतूड़ी.....✍️
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