फिक्र है के......
महोब्बत न रुठ जये ,
मेरे किसी अजीज की ।
दिल का बड़ा नाजुक है वो...
टूट गया तो , बिखर जायेगा वो ।
हिम्मत नही जुटा पाएगा वो ,
के चले वीराने में ।
आदत नही उसे के ,
तेरे बिना रह सके वो ।
तू ही ख्याल है उसका ,
तू ही ख्वाब है ।
यकीन नही मुझे के ,
तेरे बिन क्या जी सकेगा वो ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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