बहुत ही खूब सूरत है यह तोफा तेरा ,
प्यार है नाम जिसका ।
लगा के रखा हूँ सीने से , इसे मैं हर दम ।
न ख्याल है रुसवाई का , न डर जमाने का ।
***
हाल ए दिल क्या बयां करें हम ,
बस इतना समझ लो कि.....
जी रहे है हम अब , तेरे इंतज़ार में ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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