जिंदगी भर नही भूलेंगे वो , मुलाकात की रात ।
एक अंजान हसीना से हुई थी ,पहली मुलाकात ।
मेरे चेहरे पर , उनकी जुल्फों का खुलना ।
वो महकी महकी खुशबू जैसे , चंदन सा हो बदन उसका ।
नही भूलेंगे हम कभी , उनके संग गुजारी है जो रात ।
जिंदगी भर नही भूलेंगे वो , मुलाकात की रात ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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