बहुत दर्द सह है मैने हे मेरे दाता तुम्हारे जाने के बाद ।
मुझे अकेला छोड़कर गये क्यों , मुझे दुनिया में लाने के बाद ।
काश संग में अपने ले जाते , गुनाह तो नहीं था कोई ?
मैं भी रह लेता संग तुम्हारे , मर जाने के बाद ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
बहुत दर्द सह है मैने हे मेरे दाता तुम्हारे जाने के बाद ।
मुझे अकेला छोड़कर गये क्यों , मुझे दुनिया में लाने के बाद ।
काश संग में अपने ले जाते , गुनाह तो नहीं था कोई ?
मैं भी रह लेता संग तुम्हारे , मर जाने के बाद ।
✍️ज्योति प्रसाद रतूड़ी
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